हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम मयंक है और में हरियाणा का रहने वाला हूँ.. में बहुत समय से इस साईट पर कहानियाँ पढ़ रहा हूँ और ज्यादातर सेक्स के तरीके पर ज्यादा ज़ोर देता हूँ और बहुत मज़े भी करता हूँ.. लेकिन में जब भी कहानी पढ़ता हूँ तो मेरा भी मन करता है कि में भी कभी अपनी बहिन के साथ सेक्स करूं और यह घटना अभी कुछ दिन पहले की है.. लेकिन दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है तो अगर मुझसे कोई भी गलती हुई हो तो मुझे माफ़ करना। दोस्तों में कुछ अपने बारे में भी बता देता हूँ.. में एक कॉलेज से बीटेक के तीसरे साल का स्टूडेंट हूँ और मेरी उम्र 20 साल है.. में दिखने में ठीक ठाक हूँ और मेरे लंड का साईज 6.5 इंच है और में चूत का बहुत बड़ा शौक़ीन हूँ। यह घटना मेरी और मेरे मामा की लड़की की है.. उसका नाम ईशा है और वो अब बीकॉम के पहले साल में है। वो दिखने में बहुत सुंदर और मोटे मोटे बूब्स और गांड तो बस देखने से ही अच्छे अच्छो के लंड खड़े हो जाते है।
हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे और एक दूसरे से सभी तरह की बातें शेयर करते थे.. लेकिन बस सेक्स की बातों को छोड़कर.. में उसका साईज भी आप सभी को बता दूँ.. उसका साईज 34-28-36 है और यह कुछ दिन पहले की बात है.. में अपने कॉलेज की छुट्टियाँ बिताने के लिए अपने मामा के घर पर आया हुआ था। तो हम दोनों सारा दिन बैठकर बातें करते रहते थे और बहुत मज़े करते थे। दोस्तों उस टाईम तक मेरे मन में उसके लिए किसी भी तरह की कोई भी ग़लत बात नहीं थी.. लेकिन फिर एक दिन मामा और मामी किसी प्रोग्राम में बाहर गये हुए थे और मुझसे घर पर रुकने के लिए बोलकर गये थे और फिर हम दोनों गेम खेलने लगे। फिर गेम खेलते खेलते अचानक से मेरा हाथ उसकी कमर पर लग गया.. लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा.. और एक मुस्कान देकर फिर से खेलने लगे.. तो एकदम से दिल में एक अजीब सा ऐहसास हुआ और मैंने उसके हाथ पर हाथ रख दिया। तो वो एकदम से ऐसे खड़ी हुई जैसे उसको 240 वॉल्ट का करंट लग गया हो।
फिर इतना होने के बाद वो बाहर भाग गई और मुझे भी अपनी गलती महसूस हुई.. लेकिन फिर भी मेरा सेक्स का बुखार शांत होने वाला नहीं था और में उसके पीछे गया तो मैंने देखा तो वो नहाने के लिए बाथरूम में चली गई और में चुपचाप आकर टीवी देखने ल्गा। इतने में ही मुझे एक बहुत ज़ोर से आवाज़ आई जैसे कुछ गिरा हो.. तो में भागकर कमरे से बाहर गया और मैंने बाथरूम के पास जाकर देखा तो ईशा नीचे जमीन पर गिरी पड़ी है और उसका टावल भी पूरा खुला पड़ा था। दोस्तों मैंने पहली बार किसी लड़की को पूरा नंगा देखा था.. और में उसे इस हालत में कुछ देर देखता रहा और उसके पीछे का हिस्सा मुझे दिख रहा था.. मतलब उसकी कमर और गांड। फिर मैंने अपने आपको संभाला और उससे पूछा कि ईशा क्या हुआ? तो उसने मुझसे कहा कि दिखता नहीं में गिर गई हूँ..
फिर उसकी 5 मिनट तक चूत चाटने के बाद वो कंट्रोल से बाहर हो गई और मेरा सर अपनी चूत में धकेलने लगी और बार-बार कहने लगी कि मुझे चोदो प्लीज, लेकिन मुझे तो स्लो सेक्स पसंद है. फिर में उठा और अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया, तो उसे खाँसी आने लगी और कहने लगी कि मुझसे ये नहीं होता. फिर मेरे बहुत बार कहने के बाद वो फिर से लंड को चाटने लगी और करीब 10 मिनट के बाद मैंने भी अपना पानी छोड़ दिया. फिर मैंने दुबारा उसे किस करने बाद अपना लंड खड़ा किया और उसकी चूत पर रख दिया तो वो डरने लगी और बोलने लगी कि विशाल दर्द होगा रहने दो, लेकिन में कहाँ मानने वाला था.
फिर मैंने मक्खन लिया और अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत पर भी लगाया. फिर मैंने अपना लंड चूत पर टिकाया और एक शॉट मारा, लेकिन लंड स्लिप हो गया और 3-4 बार की कोशिश के बाद लंड थोड़ा सा अंदर गया. फिर क्या था? मैंने एक ज़ोर का शॉट मारा और मेरा लंड आधा अंदर चला गया. वो तो मानो चिल्लाने ही लग गई. अब उसकी आँखो से आँसू आ गये और ज़ोर-ज़ोर से कहने लगी कि बाहर निकालो इसे, लेकिन में कहाँ मानने वाला था.
फिर में उसके बूब्स दबाने लगा और चूसने भी लगा. फिर 2 मिनट के बाद मैंने कहा अब और इंतज़ार नहीं होता. फिर मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया और बस फिर क्या था? उसका वहीँ ड्रामा शुरू हो गया, लेकिन में कहाँ रुकने वाला था. फिर में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा और वो भी अब थोड़ी देर के बाद शांत होने लगी और मेरा साथ देने लगी और हमने खूब जमकर सेक्स किया और हर एक स्टाइल भी ट्राई की. मैंने उस दिन उसकी खूब चुदाई की और करीब 20 मिनट के बाद मेरा पानी निकल गया और हम ऐसे ही लेट गये.
फिर 15 मिनट के बाद वो खड़ी हुई और मुझे चूमने लगी तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने उससे कहा कि अब तेरी गांड की बारी है तो वो रोने लगी और गिड़गिडाने लगी, लेकिन मैंने उसे घोड़ी बनाया और अपने लंड पर मक्खन लगाकर उसे चोद डाला. अब साली ठीक से चल भी नहीं पा रही थी और वो खड़े होते ही गिर जाती, लेकिन मुझे तब कहाँ पता चलना था.
फिर मैंने अपनी स्टाइल चेंज की और उसकी दोनों टांगे उठाकर दुबारा अपना लंड उसकी गांड में डाला और 7-8 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों साथ में झड़ गये. दोस्तों डर तो तब लगा जब मैंने खून से भरी हुई चादर देखी और जब ये भी देखा कि उससे ठीक से चला नहीं जा रहा है. फिर मैंने उसके भाई को फोन किया और कहा कि कहाँ पर है? तो वो बोला 30-40 मिनट में आ रहा हूँ, बहनचोद मेरी तो माँ चुद गई. फिर मैंने फटाफट उसे समझाया और कहा ठीक से बर्ताव करना, लेकिन वो बुरी तरह डर गई थी.
फिर मैंने उसे काफ़ी समझाया और उसे हौसला दिया कि कुछ नहीं होगा. बस फिर वो क़िसी तरह मान गई और हमने फटाफट चादर चेंज की. लेकिन वो फिर भी लंगड़ा कर चल रही थी. मुझे बहुत डर लग रहा था. इतने में मेरा दोस्त और उसकी दादी भी आ गये. फिर जब हमने उन्हें देखा तो हमारी और फट गई. फिर तो हमने ऐसे बर्ताव किया कि जैसे कुछ हुआ ही ना हो.

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